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बिलासपुर। बिलासपुर-रतनपुर-केंदा मुख्य मार्ग (NH) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए पिछले 48 घंटे किसी दुःस्वप्न से कम नहीं रहे हैं। रतनपुर से केंदा और पेंड्रा के बीच निर्माणाधीन नेशनल हाईवे परियोजना की लापरवाही और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने इस पूरे रूट को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। बांसाझाल और मझवानी के पास पुराने पुलों के क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन द्वारा बनाए गए अस्थायी डायवर्शन और बाईपास रास्ते भारी कीचड़ और गहरे दलदल में बदल चुके हैं।

गाड़ियों की लंबी कतारें, दलदल में धंस रहे पहिए……
केंदा, आमा-मूड़ा और मझवानी के पास खराब रास्तों के कारण कई भारी कमर्शियल ट्रक और ट्रेलर बीच सड़क पर फंस गए हैं। इसकी वजह से दोनों तरफ लगभग 3 से 5 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जाने वाली सैकड़ों बसें, आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक और कई एम्बुलेंस पिछले दो दिनों से एक ही जगह पर खड़ी हैं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता संदीप शुक्ला ने लिया जाम मे फँसे लोगों का जायजा….
भूखे-प्यासे तड़प रहे यात्री, स्कूली बच्चे और मरीज परेशान
48 घंटे से जारी इस महाजाम की वजह से गाड़ियों में फंसे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- खान-पान का संकट: हाईवे के आस-पास पर्याप्त दुकानें न होने से यात्रियों को पीने का पानी और भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है।
- मरीजों के लिए आफत: बिलासपुर के बड़े अस्पतालों में इलाज के लिए आ रहे गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जान पर बन आई है।
- व्यापारिक नुकसान: सब्जी और अन्य खराब होने वाले सामानों से लदी पिकअप गाड़ियां गड्ढों में फंसी हुई हैं, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।
निर्माण एजेंसी और PWD पर फूटा गुस्सा
स्थानीय नागरिकों और फंसे हुए ड्राइवरों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। लोगों का आरोप है कि करीब 510 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस 97 किलोमीटर लंबी सड़क में ठेकेदार द्वारा घटिया स्तर का काम किया गया है। पहली ही तेज बारिश में नई बनी सड़क कई जगह से धंस गई है और किनारों पर बड़ी दरारें आ चुकी हैं। निर्माण के दौरान वैकल्पिक सुरक्षित सर्विस रोड न बनाना इस महाजाम की सबसे बड़ी वजह साबित हुआ है।
