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बेलगहना। इस भीषण गर्मी में जब पारा 43°C से 45°C को छू रहा है, छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में जनता दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ आसमानी आग बरस रही है, तो दूसरी तरफ बिजली विभाग की “लो वोल्टेज” और “बकाया बिल” की समस्या ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है।

भीषण गर्मी और लो वोल्टेज: कूलर-एसी बने शोपीस
उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भीषण गर्मी के बीच बिजली की मांग ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लोड बढ़ने के कारण कई इलाकों में लो वोल्टेज की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। हालत यह है कि घरों में लगे पंखे और कूलर केवल “सांसे गिन रहे हैं” और भारी-भरकम बिजली बिल भरने के बावजूद लोग उमस और गर्मी में रात- दिन गुजारने को मजबूर हैं।
जनता की बड़ी शिकायतें: पूरा बिल चुकाने पर भी ‘बकाया’
ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे अपना चालू माह का बिल समय पर चुका रहे हैं, फिर भी विभाग द्वारा पिछले महीनों का “पूर्व बकाया” (Previous Arrears) जोड़कर भेजा जा रहा है।
प्रशासनिक स्थिति
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और अधिक हीटवेव (Heatwave) का अलर्ट जारी किया है। बिजली विभाग का दावा है कि वे ट्रांसफॉर्मरों का लोड संतुलित कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर जनता को फिलहाल राहत मिलती नहीं दिख रही है।
जनता के मुख्य मुद्दे:
- नाम का कूलर-एसी: लो वोल्टेज के कारण बिजली के उपकरण सिर्फ ‘शोपीस’ बनकर रह गए हैं।
- बिल का झमेला: उपभोक्ता हर महीने पूरा बिल जमा कर रहे हैं, फिर भी विभाग ‘पूर्व बकाया’ (Arrears) जोड़कर भेज रहा है। आखिर यह पैसा जा कहाँ रहा है?
- सिस्टम फेल: शिकायत करने पर सिर्फ आश्वासन मिलता है, समाधान नहीं।
जनता का सवाल: जब बिल पूरा, तो सर्विस अधूरी क्यों? क्या प्रशासन सो रहा है?

