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मुंबई, 27 फरवरी 2026:दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट द्वारा अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को आबकारी नीति मामले में सभी आरोपों से मुक्त (डिस्चार्ज) किए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों पर निशाना साधा है।

उद्धव ठाकरे के बयान की मुख्य बातें:
- अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग: ठाकरे ने एक पार्टी कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, “आपने (भाजपा) एक चुने हुए मुख्यमंत्री और मंत्रियों को जेल में डाल दिया और अब वे अदालत से बरी हो गए हैं। अब उन अधिकारियों को जेल में डालिए जिन्होंने उन्हें गिरफ्तार किया था”।
- बदले की राजनीति का आरोप: उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को जानबूझकर बदनाम करने और चुनाव जीतने के लिए जेल भेजा गया, लेकिन अंत में सत्य की जीत हुई है।
- आदित्य ठाकरे का समर्थन: शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने भी केजरीवाल की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा को अब अरविंद केजरीवाल से माफी मांगनी चाहिए।
मामले की पृष्ठभूमि:
आज ही दिल्ली की एक विशेष अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 23 अन्य को आबकारी नीति मामले में यह कहते हुए बरी कर दिया कि उनके खिलाफ “आपराधिक इरादे” या “साजिश” का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया, जिसके बाद केजरीवाल भावुक हो गए और उन्होंने इसे अपनी ईमानदारी की जीत बताया।
आज ही दिल्ली की एक विशेष अदालत ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 23 अन्य को आबकारी नीति मामले में यह कहते हुए बरी कर दिया कि उनके खिलाफ “आपराधिक इरादे” या “साजिश” का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से भी इनकार कर दिया, जिसके बाद केजरीवाल भावुक हो गए और उन्होंने इसे अपनी ईमानदारी की जीत बताया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में आगामी राज्यसभा चुनावों और राजनीतिक समीकरणों को लेकर पहले से ही तनाव बना हुआ है।

